7.1 भारत की जनसंख्या
- भारत जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में दूसरा सबसे बड़ा देश है (चीन के बाद)।
- 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 1,21,05,69,573 (121 करोड़) है।
- भारत में विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 16.7% भाग निवास करता है, जबकि क्षेत्रफल केवल 2.41% है।
- भारत की जनसंख्या उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की संयुक्त जनसंख्या से भी अधिक है।
- पहली जनगणना 1872 में हुई थी, लेकिन पूर्ण जनगणना 1881 में हुई।
- इसके बाद हर 10 वर्ष में जनगणना की जाती है।
- 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है (पहली बार 1987 में 5 अरब जनसंख्या होने पर)।
समस्या:भारत की विशाल जनसंख्या सीमित संसाधनों पर निर्भर है, जिससे गरीबी, बेरोजगारी, असमानता और पर्यावरणीय क्षति जैसी समस्याएँ बढ़ी हैं।
7.2 जनसंख्या का वितरण
- भारत में जनसंख्या का वितरण असमान है।
- मैदानी भागों, नदी घाटियों और समुद्र तटीय क्षेत्रों में जनसंख्या सघन है, जबकि पर्वतीय व मरुस्थलीय क्षेत्रों में विरल है।
- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश – इन पाँच राज्यों में देश की आधे से अधिक जनसंख्या रहती है।
जनसंख्या घनत्व
किसी क्षेत्र के प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहा जाता है।
सूत्र:जनसंख्या घनत्व = जनसंख्या ÷ क्षेत्रफल
- 2011 में भारत का औसत घनत्व: 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी.
- 1921 में: 81 व्यक्ति/कि.मी² → 2011 में: 382 व्यक्ति/कि.मी²
- न्यूनतम घनत्व: अरुणाचल प्रदेश – 17 व्यक्ति/कि.मी²
- अधिकतम घनत्व: दिल्ली – 11,320 व्यक्ति/कि.मी²
घनत्व के आधार पर भारत के चार क्षेत्र
| श्रेणी | क्षेत्रफल का प्रकार | प्रमुख राज्य/क्षेत्र |
|---|---|---|
| उच्च घनत्व (501+ व्यक्ति/कि.मी²) | अत्यधिक जनसंख्या | दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तर प्रदेश, पंजाब |
| मध्यम घनत्व (251-500) | कृषि व औद्योगिक क्षेत्र | झारखंड, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश |
| साधारण घनत्व (101-250) | अर्धशुष्क या पर्वतीय क्षेत्र | मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल, छत्तीसगढ़ |
| निम्न घनत्व (100 से कम) | दुर्गम, पहाड़ी क्षेत्र | सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार |
7.3 जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक
(1) भौतिक कारक
- धरातल: समतल भूमि में जनसंख्या सघन, पर्वतीय भागों में विरल।
- जलवायु: अनुकूल जलवायु में घनी जनसंख्या; अत्यधिक ठंडे या गर्म क्षेत्रों में विरल।
- मृदा (मिट्टी): उपजाऊ मिट्टी वाले क्षेत्रों (गंगा मैदान) में घनी जनसंख्या।
- खनिज: खनिज क्षेत्रों (झारखंड, छोटानागपुर) में जनसंख्या अधिक।
(2) सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक कारक
- शिक्षा, उद्योग, परिवहन आदि सुविधाओं के कारण जनसंख्या आकर्षित होती है।
- उदाहरण: मुंबई-पुणे औद्योगिक क्षेत्र।
7.4 भारत में जनसंख्या वृद्धि
| वर्ष | जनसंख्या (करोड़ में) | दशकीय वृद्धि (%) |
|---|---|---|
| 1901 | 23.84 | – |
| 1911 | 25.21 | 5.75 |
| 1921 | 25.13 | -0.31 (ऋणात्मक वृद्धि) |
| 1931 | 27.90 | 11.0 |
| 1941 | 31.87 | 14.22 |
| 1951 | 36.11 | 13.31 |
| 1961 | 43.92 | 21.15 |
| 1971 | 54.82 | 24.80 |
| 1981 | 68.33 | 24.66 |
| 1991 | 84.63 | 23.87 |
| 2001 | 102.70 | 21.54 |
| 2011 | 121.06 | 17.7 |
- 1921 को जनसंख्या वृद्धि का मोड़ वर्ष कहा जाता है क्योंकि इसी वर्ष वृद्धि ऋणात्मक थी।
- इसके बाद निरंतर वृद्धि होती रही।
7.5 जनसंख्या वृद्धि के कारण
- उच्च जन्मदर और घटती मृत्युदर
- 1911-1921: जन्मदर 48.1, मृत्युदर 47.2
- 2011: जन्मदर 20.97, मृत्युदर 7.48
- चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि से मृत्यु दर कम हुई।
- जीवन प्रत्याशा में वृद्धि
- 1921 में औसत आयु 50 वर्ष → 2011 में 68.8 वर्ष।
- शिक्षा का अभाव
- अंधविश्वास और पुत्र प्राप्ति की इच्छा के कारण अधिक संतानें।
- अन्य कारण
- गरीबी, बाल विवाह, मनोरंजन के अभाव, निम्न जीवन स्तर आदि।
परिणाम:जनसंख्या वृद्धि से गरीबी, बेरोजगारी, अपराध, प्रदूषण और आवास की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
7.6 जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के उपाय
- परिवार कल्याण कार्यक्रम का पालन।
- स्त्री शिक्षा में वृद्धि।
- बाल विवाह पर रोक।
- जीवन स्तर में सुधार।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार।
7.7 भारत में लिंग अनुपात
प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंग अनुपात कहा जाता है।
- 2011 में भारत का लिंग अनुपात: 943 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष।
- 1901 में: 972 → निरंतर घटकर 2011 में 943 हुआ।
- अनुकूल लिंग अनुपात: केरल (1084)
- प्रतिकूल लिंग अनुपात: दमन-दीव (618)
गिरते लिंग अनुपात के कारण:
- महिला साक्षरता की कमी
- उच्च मातृ मृत्यु दर
- पुत्र वरीयता
- कन्या भ्रूण हत्या
- दहेज प्रथा व सामाजिक अंधविश्वास
7.8 भारत में साक्षरता की स्थिति एवं वितरण
जो व्यक्ति समझकर पढ़ और लिख सके, वह साक्षर कहलाता है।
साक्षरता दर में प्रगति
| वर्ष | कुल (%) | पुरुष (%) | महिला (%) |
|---|---|---|---|
| 1911 | 6.0 | – | 1.1 |
| 1951 | 18.3 | 27.2 | 8.9 |
| 1981 | 43.6 | 56.4 | 29.8 |
| 2001 | 65.4 | 75.9 | 54.2 |
| 2011 | 73.0 | 80.9 | 64.6 |
- साक्षरता में क्षेत्रीय भिन्नता:
- केरल (94%) – सर्वाधिक
- बिहार (61.8%) – न्यूनतम
- शहरी साक्षरता: 84.1%
- ग्रामीण साक्षरता: 67.8%
7.9 राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (2000)
- उद्देश्य: सामाजिक-आर्थिक विकास एवं जनसंख्या स्थिरीकरण।
मुख्य लक्ष्य
- तात्कालिक: गर्भनिरोधक व स्वास्थ्य ढाँचे का विकास
- मध्यकालीन: प्रजनन दर में कमी
- दीर्घकालीन: सन् 2045 तक स्थिर जनसंख्या
नीति के प्रमुख बिंदु
- 14 वर्ष तक निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा
- बाल विवाह में देरी (20 वर्ष से अधिक आयु)
- शिशु मृत्यु दर 100 से नीचे लाना
- सार्वभौमिक टीकाकरण
- छोटे परिवार को प्रोत्साहन
- एड्स व यौन रोग नियंत्रण
- जन्म-मृत्यु का 100% पंजीकरण
राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग
- गठन: वर्ष 2000
- अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री
- सदस्य: सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केन्द्र मंत्री व विशेषज्ञ।
- प्रत्येक राज्य में राज्य स्तरीय जनसंख्या आयोग का गठन।

Leave a Reply