मताधिकार और भारत की निर्वाचन प्रणाली
Short Questions Answers
1. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्या है?
उत्तर: 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान का अधिकार होना सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार कहलाता है।
2. निर्वाचन क्षेत्र क्या होता है?
उत्तर: वह क्षेत्र जहाँ के मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं, निर्वाचन क्षेत्र कहलाता है।
3. भारत में मतदान की आयु कितनी है?
उत्तर: भारत में मतदान की आयु 18 वर्ष है।
4. भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना कब हुई?
उत्तर: भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना 1950 में हुई।
5. लोकसभा के कितने निर्वाचन क्षेत्र हैं?
उत्तर: लोकसभा के 543 निर्वाचन क्षेत्र हैं।
6. गुप्त मतदान क्या है?
उत्तर: ऐसी मतदान प्रक्रिया जिसमें किसी को यह पता नहीं चलता कि मतदाता ने किसे वोट दिया है, गुप्त मतदान कहलाती है।
7. NOTA का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: NOTA का पूरा नाम “None of the Above” (उपरोक्त में से कोई नहीं) है।
8. आदर्श आचार संहिता क्या है?
उत्तर: चुनाव के समय प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों द्वारा पालन किए जाने वाले नियमों को आदर्श आचार संहिता कहते हैं।
9. राज्यसभा के सदस्य कैसे चुने जाते हैं?
उत्तर: राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव द्वारा विधायकों के माध्यम से चुने जाते हैं।
10. ई.वी.एम. का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: ई.वी.एम. का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है।
Long Questions with Answers
1. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लोकतंत्र की आधारशिला क्यों है?
उत्तर:सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लोकतंत्र की आधारशिला है क्योंकि यह प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है। इससे जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या धन के आधार पर भेदभाव समाप्त होता है। सभी नागरिक राष्ट्र के भविष्य के निर्धारण में भाग लेते हैं। इससे नागरिक सहभागिता बढ़ती है और सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी बनती है।
2. भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका और कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। इसके प्रमुख कार्य हैं–
- चुनाव की तिथियाँ निर्धारित करना
- राजनीतिक दलों का पंजीकरण करना
- आदर्श आचार संहिता लागू करना
- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना
- संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करना
यह लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है।
3. लोकसभा और राज्यसभा के चुनावों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए यह प्रत्यक्ष चुनाव है।
राज्यसभा के सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाते हैं, इसलिए यह अप्रत्यक्ष चुनाव है।
लोकसभा अस्थायी सदन है जबकि राज्यसभा स्थायी सदन है। राज्यसभा के सदस्य 6 वर्ष के लिए चुने जाते हैं।
4. मतदान की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर:मतदान केंद्र पर मतदाता की पहचान की जाँच की जाती है। उसकी उंगली पर स्याही लगाई जाती है। फिर वह ई.वी.एम. पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के सामने बटन दबाता है। वीवीपैट मशीन से पर्ची दिखाई देती है जिससे मतदाता पुष्टि कर सकता है कि उसका वोट सही दर्ज हुआ है।
5. आदर्श आचार संहिता क्यों आवश्यक है?
उत्तर:आदर्श आचार संहिता स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी दल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करे। मतदाताओं को रिश्वत या उपहार देकर प्रभावित करना प्रतिबंधित है। इससे चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनते हैं।
6. ई.वी.एम. और वी.वी.पी.ए.टी. के लाभ बताइए।
उत्तर:ई.वी.एम. से मतगणना तेज और सटीक होती है। कागज की बचत होती है।
वी.वी.पी.ए.टी. प्रणाली मतदाता को यह पुष्टि करने का अवसर देती है कि उसका वोट सही दर्ज हुआ है। इससे पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है।
7. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित क्यों हैं?
उत्तर:लोकसभा में कुछ सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं ताकि उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। इससे सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित होता है।
8. राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर:भारत के राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं होता। एक निर्वाचन मंडल द्वारा किया जाता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य शामिल होते हैं। इसमें एकल संक्रमणीय मत प्रणाली का उपयोग किया जाता है।
9. चुनाव प्रणाली के सामने कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं?
उत्तर:
- चुनाव में धन का बढ़ता प्रभाव
- आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी
- मतदाताओं की उदासीनता
- शहरी क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत
इन चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता और शिक्षा आवश्यक है।
10. लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका और दायित्व समझाइए।
उत्तर:मतदाता लोकतंत्र की शक्ति है। उसे सोच-समझकर मतदान करना चाहिए। सही प्रत्याशी का चयन करना उसका कर्तव्य है। जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है।

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